Short Stories In
Hindi for kids
Hello dosto
Aaj hm kids KE ly story लेकर आए हैं Short Stories In Hindi
Jha hm kids ko रोचक कहानीShort बताएंगे
Short Stories In Hindi for kids
बकरी और लोमड़ी Short Stories In Hindi
एक समय की बात है, एक लोमड़ी जंगल में घूमते-घूमते एक कुएँ के पास पहुँची। कुएँ के चारों ओर दीवार नहीं थी। लोमड़ी ने ध्यान नहीं दिया और भीतर गिर गई। हालांकि कुआँ बहुत गहरा नहीं था पर लोमड़ी बाहर नहीं निकल पा रही थी। निराश होकर वह वहीं बैठ गई।
तभी ऊपर से एक बकरी जाती दिखाई दी। बकरी ने लोमड़ी को कुएँ में देखकर पूछा, “अरे बहन, तुम भीतर क्या कर रही हो?”
लोमड़ी ने कहा, “बकरी बहन! तुम्हें पता नहीं है… शीघ्र ही भयंकर सूखा पड़ने वाला है। यहाँ कोई और आए उससे पहले ही मैं भीतर आ गई।
कम से कम यहाँ पानी तो है। तुम भी क्यों नहीं भीतर आ जाती हो?” बकरी ने सोचा कि लोमड़ी बहुत अच्छी सलाह दे रही है और वह भी कुएँ में कूद गई। बकरी के कुएँ के भीतर पहुँचते ही लोमड़ी उछलकर बकरी
की पीठ पर चढ़ी और फिर बाहर निकल आई। उसने बकरी से कहा, “अलविदा बहन, मैं तो चली” और लोमड़ी सिर पर पैर रखकर भाग गई।
Short Stories In Hindi शिक्षा: आँख मूंदकर विश्वास मत करो।
Short Stories In Hindi for kids
2. Short Stories In Hindi
-- सारस और लोमड़ी Short
एक समय की बात है, एक सारस और एक लोमड़ी में गाढ़ी मित्रता थी। लोमड़ी बहुत चालाक थी पर सारस सीधा-साधा प्राणी था। एक दिन लोमड़ी ने सारस को भोजन के लिए आमंत्रित किया।
सारस मित्र के घर आया। लोमड़ी ने सूप बनाया था। उसने एक छिछली तश्तरी में सूप परोसा। लोमड़ी ने अपनी जीभ से चाटकर सूप का भरपूर आनंद लिया पर सारस मात्र अपनी चोंच का अगला भाग ही गीला कर पाया। उसे भूखा ही वापस जाना पड़ा।
लोमड़ी ने कहा, “क्षमा करना, क्या तुम्हें सूप अच्छा नहीं लगा?” सारस ने कहा, “क्षमा मत मांगो, ऐसी कोई बात नहीं है। तुम कल मेरे घर भोजन पर आना।”
सारस ने लोमड़ी को सबक सिखाने की सोची। अगले दिन लोमड़ी सारस के घर खाना खाने गई। सारस ने भी ही सूप बनाया था। उसने एक लंबी सुराहीदार गर्दन वाले बर्तन में सूप परोसा।
लोमड़ी का मुँह भीतर जा ही नहीं पाया और वह किसी भी प्रकार सूप नहीं चख पाई और भूखी रह गई। सारस ने आराम से सूप पिया। लोमड़ी को अपने किए का फल मिल गया था।
Short Stories In Hindi शिक्षा : जैसे को तैसा मिलता है।
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मेंढक और बैल Short Stories In Hindi
Short Stories In Hindi
एक जंगल में एक मेंढक अपने बच्चों के साथ रहता था। वह मेंढक खा पीकर खूब तगड़ा हो गया था और सदा डींग हाँकता था कि वही सबसे बड़ा है।
एक दिन बच्चों ने एक बड़े से जानवर को देखा। वह एक किसान का बैल था। जंगल में देखकर उन्होनें सोचा, “यह प्राणी तो पहाड़ की तरह बड़ा है। इसके सिर पर सींग हैं और पीछे एक लंबी सी पूँछ है… लगता है संसार का सबसे बड़ा प्राणी है।”
यह बात बच्चों ने अपने पिता से बताई। मेंढक ने सोचा कि वह मुझसे बड़ा कैसे हो सकता है? उसने एक लंबी साँस खींची, स्वयं को फुलाया और पूछा, “क्या वह इतना बड़ा था?”
बच्चों ने कहा, “इससे भी बड़ा।” मेंढक ने पुनः एक गहरी साँस भीतर भरी, स्वयं को और फुलाया और पूछा, “इतना बड़ा?” बच्चों ने कहा, “इससे भी बड़ा।”
मेंढक ने और जोर से गहरी साँस भरी, स्वयं को फुलाया पर इस बार वह स्वयं ही फट गया।
Short Stories In Hindi शिक्षा : घमंड पतन का कारण बनता है।
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शेर और सूअर Short Stories In Hindi
Short Stories In Hindi
किसी जंगल में एक शेर रहता था। गर्मी के कारण जंगल में पानी सूखता जा रहा था। एक पोखर में थोड़ा पानी देखकर शेर वहाँ पहुँचा। तभी एक सूअर भी वहाँ पानी ढूँढता हुआ आ गया।
दोनों में कौन पानी पीयेगा इस बात को लेकर झगड़ा शुरु हो गया। लड़ाई बराबरी पर थी। प्यास से दोनों बेहाल थे।
अचानक उन्होंने आसमान में बहुत सारे गिद्ध उड़ते देखे। गिद्धों ने सोचा, “अच्छा है, लड़ लें दोनों… कोई तो मरेगा ही फिर मजा आएगा… जमकर आज हमारी दावत होगी।”
गिद्धों को ऊपर मंडराते देखकर शेर और सूअर ने अपनी लड़ाई रोक दी। उन्हें माजरा समझ में आ गया था।
शेर ने सूअर से कहा, “यदि हम लोग इसी तरह लड़ेंगे तो अवश्य ही लड़ते-लड़ते मर जाएँगे और गिद्धों को दावत खाने का अवसर मिल जाएगा। उनका भोजन बनने की जगह मित्रता करने में ही हमारी भलाई है…” और फिर दोनों ने साथ में पानी पी लिया।
Ek Sher jungle ka raja
Short Stories In Hindi for kids
एक बार जंगल का राजा शेर बीमार हो गया। कमजोरी के कारण शिकार करने में असमर्थ शेर ने एक चाल चली। अपनी वसीयत सुनाने की इच्छा से उसने अपने राज्य के सभी जानवरों को अपनी गुफा में बुलाया।
सबसे पहले एक बकरी आई और अपने महाराज के पास गई। अगले दिन एक पेड़ आया और फिर एक बछड़ा राजा की वसीयत सुनने गया। भाग्यवश शेर स्वस्थ हो गया और गुफा से बाहर आया। बाहर उसने एक लोमड़ी को बैठे देखा।
शेर ने कहा, “मैं भीतर तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहा था… तुम आई क्यों नहीं?” लोमड़ी ने कहा, “महाराज! मैं तो आपके पास ही आई थी।
यहाँ पर मुझे बहुत सारे खुर के निशान दिखे जो भीतर की ओर गए हैं पर बाहर आता हुआ एक भी नहीं मिला।
इसलिए मैं यहीं बैठकर किसी के बाहर आने की प्रतीक्षा करने लगी।” ऐसा कहकर लोमड़ी भाग गई और शेर गुर्राता रह गया।
Short Stories In Hindi शिक्षा : शत्रु के जाल बाहर निकलना आसान नहीं।
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कछुआ और खरगोश Short Stories In Hindi
Short Stories In Hindi
किसी जंगल में एक खरगोश रहता था। उसे अपनी तेज गति पर बहुत घमंड था। जंगल में रहने वाले पशुओं के सामने वह सदा अपनी बड़ाई किया करता था कि उससे तेज कोई भाग ही नहीं सकता।
एक दिन उसने सभी जानवरों को दौड़ लगाने की चुनौती दे दी। एक कछुआ सामने आया और बोला, “मुझे तुम्हारी चुनौती स्वीकार है।”
खरगोश ने जोर से ठहाका मारा और कहा, “कछुए भाई, तुम अच्छा मजाक कर लेते हो… तुम दौड़ोगे मेरे साथ?” कछुए ने कहा, “अधिक न इतराओ, कल मैदान में देख लेना।”
अगले दिन नियमित समय पर दोनों दौड़ के लिए आए। सभी जानवर इकट्ठे थे। दूरी तय हुई और दौड़ शुरु हुई।
खरगोश भागा और आँखों से ओझल हो गया। थोड़ी दूर जाकर खरगोश ने पीछे मुड़कर देखा, कछुआ नहीं दिखा। उसने सोचा कि वह धीरे-धीरे आएगा तब तक क्यों न थोड़ा आराम कर लूँ?
खरगोश एक पेड़ के नीचे लेटा और उसकी आँख लग गई। इधर कछुआ बिना रुके लगातार चलता रहा और खरगोश को सोता छोड़कर जीत की रेखा तक पहुँच गया।
Short Stories In Hindi शिक्षा : सतत् प्रयत्न करने वाला सदा विजयी होता है।
Short Stories In Hindi for kids
कानी हिरणी Short Stories In Hindi
Short Stories In Hindi
एक हिरणी की एक आँख में किसी शिकारी का तीर लग गया। उसे अब एक ही आँख से दिखाई देता था।
पर वह दुखी नही हुई किसी भी खतरे से बचने के लिए वह ऊँची पहाड़ी पर चरा करती थी।
एक बार नाव पर सवार होकर समुद्र की ओर से शिकारी आए।
हिरणी आवाज से चौकन्नी हो गई। उसने सिर घुमाकर चारों ओर देखा। नाव से निशाना साधते शिकारी को देखकर वह सब समझ गई और पलक झपकते चौकड़ी भरकर नौ दो ग्यारह हो गई।
Short Stories In Hindi शिक्षा : सूझबूझ से अपने को बचाया जा सकता है।
Short Stories In Hindi for kids
कृतघ्न शेर
Short Stories in Hindi of a Lion
एक बार एक शेर पिंजरे में फंस गया। उसने निकलने की बहुत कोशिश की लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। तभी उसे बगल के रास्ते गुजरता हुआ एक आदमी दिखा।
शेर ने उससे सहायता माँगी और वादा किया कि वह बाहर निकलने पर उसे नहीं खाएगा। शेर की बात पर विश्वास कर, उस आदमी ने पिंजरा रोल दिया।
शेर बाहर आ गया लेकिन बाहर आते ही वह अपना वादा भूल गया। अब वह उस आदमी को खाना चाहता था! वह आदमी घबरा गया और अपनी जान बचाने का तरीका सोचने लगा।
उसने सुझाव रखा कि वे अपने मामले को सुलझाने के लिए किसी की सहायता लेते हैं। वहीं से निकल रहे एक सियार से उन दोनों ने फैसला करने का अनुरोध किया।
सियार बहुत चतुर था। उसने कहा कि जो-जो हुआ. वह सब उसके सामने फिर से करके दिखाओ। शेर फिर से पिंजरे में घुस गया और सियार के कहे अनुसार,
उस आदमी ने जल्दी से पिंजरा बंद कर दिया और उस पर ताला लगा दिया। इसके बाद वह आदमी और बह सियार, दोनों वहाँ से भाग निकले और कृतघ्न शेर फिर से पिंजरे में बंद रह गया।
मुर्गी और बाज
Short Story in Hindi of a Hen
एक बाज और एक मुर्गी आपस में बातें कर रहे थे। बाज ने मुर्गी से कहा, “तुम सबसे अधिक अहसानफरामोश पक्षी हो।” “ऐसा क्यों कह रहे हो?” मुर्गी ने गुस्से से पूछा।
बाज ने जवाब दिया, “तुम्हारा मालिक तुम्हें खाना खिलाता है लेकिन जब वह तुम्हें पकड़ने के लिए आता है, तो तुम इस कोने से उस कोने तक उड़ने लगती हो।
मैं तो जंगली पक्षी हूँ, फिर भी मैं दयालु लोगों का ख्याल रखता हूँ।” मुर्गी धीरे से बोली, “अगर तुम किसी बाज को आग पर भुनते हुए देखो, तो तुम्हें कैसा लगेगा ?
मैंने यहाँ सैकहों मुर्गे-मुर्गियों को आग पर भूने जाते हुए देखा है। अगर तुम मेरी जगह होते,
तो तुम भी अपने मालिक को कभी अपने पास नहीं आने देते। मैं तो सिर्फ इस कोने से उस कोने तक उड़ती ही हूँ, पर तुम तो पहाड़ियों पर उड़ते फिरते।”
Hindi Moral Stories For Class 8
Story For Moral In Hindi
चूहा बन गया शेर
Short Stories in Hindi of Mouse
एक दिन, एक साधु ने देखा कि एक बिल्ली चूहे को खदेड़ रही थी। साधु ते अपनी अलौकिक शक्तियों से उस चूहे को बिल्ली बना दिया और उसकी जान बच गई।
एक दिन उस बिल्ली के पीछे एक कुत्ता दौड़ पड़ा। अब साधु ने उसको कुत्ता बना दिया। एक बार, उस कुत्ते पर शेर ने हमला कर दिया।
साधु ने तुरंत उस कुत्ते को शेर बना दिया। जो गाँव वाले इस नए शेर का रहस्य जानते ये, वे उसका मजाक उड़ाते थे। उनके लिए वह एक पिद्दी-सा चूहा ही था,
जो शेर बना फिरता था! अब इस शेर ने सोचा कि जब तक यह साधु जीवित रहेगा, सब लोग उसका ऐसा ही मज़ाक उड़ाते रहेंगे। साधु ने इस शेर को अपनी ओर आते देखा,
तो उसके इरादे समझ गया। साधु बोला, जाओ, तुम फिर से चूहा ही बन जाओ। तुम अहसानफरामोश हो और शेर बनने लायक नहीं हो।”
और इस प्रकार वह शेर फिर से सिकुड़कर दुबारा चूहा बन गया।
Story in Hindi with Moral
ऊँट का बदला Short Stories in Hindi of Revenge
एक ऊँट और एक सियार बहुत पक्के दोस्त थे। एक दिन, वे एक खेत में तरबूज खाने गए। भरपेट तरबूज खाने के बाद सियार हुआ-हुआ चिल्लाने लगा।
अरे, चित्लाओ मत, तुम्हारा वित्लाना सुनकर किसान आ जाएगा!” ऊँट ने उसे समझाया। “गाना गाए बगैर मेरा खाना नहीं पचता, सियार ने जवाब दिया।
जल्द ही किसान वहाँ आ गया। किसान को आते देख, सियार तो भाग लिया लेकिन किसान ने ऊँट की लाठियों से जमकर पिटाई की। एक दिन, ऊँट ने सियार से कहा,
“चलो नदी में तेरते हैं। मैं बोलूंगा और तुम मेरी पीठ पर बैठे रहना।” सियार तैयार हो गया। ऊँट सियार को पीठ पर बैठाए हुए गहरे पानी में पहुंचा, तो डुबकी लगाने लगा।
सियार चिल्लाने लगा, “अरे, ये क्या कर रहे हो ? मैं डूब जाऊँगा।” “लेकिन मैं तो पानी में जाकर उसको लगाता ही हूँ। मेरी सेहत के लिए यह बहुत अच्छा होता है.”
ऊँट बोला और सियार को मझधार में छोड़, गहरे पानी में डुबकी लगाने लगा।




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